Was sollen wir denn tun? : Leo N. Tolstoi. Neu herausgegeben und durchgesehen von Paul H. Dörr
मुख्य लेखक: | |
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स्वरूप: | पुस्तक |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
München :
Diederichs,
1991
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संस्करण: | durchges. Neuaufl. |
श्रृंखला: | Leo N. Tolstoi : Religions- und gesellschaftskritische Schriften
3-4 |
अंतर्वस्तु / टुकड़े: | 2 अभिलेख |
भौतिक वर्णन: | 2 Bde |
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बोधानक: | PH 1070 1991(1-2 |