Das Risiko, sich geirrt zu haben, muß jeder Museumsmann eingehen : Armin Zweite sprach mit Heinz-Norbert Jocks
में प्रकाशित: | Kunstforum 112(1991)S. 410-414 |
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मुख्य लेखकों: | , |
स्वरूप: | लेख |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
1991
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विषय: | |
संबंधित चीजें : | In:
Kunstforum |
बोधानक: | ZG Kunst 4 1991(1 |
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