Versuch über den prekär gewordenen Ort : Julian Heynen. Ein Gespräch von Heinz-Norbert Jocks
में प्रकाशित: | Kunstforum 166(2003)S. 49-54 |
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मुख्य लेखकों: | , |
स्वरूप: | लेख |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
2003
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विषय: | |
संबंधित चीजें : | In:
Kunstforum |
बोधानक: | ZS Kunst 4 2003 |
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