"alles zu leisten, was man in Kunstsachen nur verlangen kann" : Die Münchner Akademie der bildenden Künste vor 1808
में प्रकाशित: | Oberbayerisches Archiv 128(2004)S. 125-181 |
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मुख्य लेखक: | |
स्वरूप: | लेख |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
2004
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विषय: | |
ऑनलाइन पहुंच: | http://www.goethezeitportal.de/fileadmin/PDF/db/wiss/bildende%5Fkunst/meine-schawe%5Fakademie.pdf |
संबंधित चीजें : | In:
Oberbayerisches Archiv |
वस्तु वर्णन: | Sonderdruck |
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बोधानक: | AKA 2 Gesch Alle |