Das Paradox der "sozialen Medien" : Gespräch mit dem Medienwissenschaftler Clemens Apprich über Netzkulturen seit den 1990er-Jahren ; Ein Gespräch
में प्रकाशित: | Springerin 19(2013)3, S. 10/11 |
---|---|
मुख्य लेखकों: | , |
स्वरूप: | लेख |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
2013
|
विषय: | |
संबंधित चीजें : | In:
Springerin |
बोधानक: | MAG ZS Sprin 2013 |
---|