Die Avantgarde hat Allradantrieb : Warum das Auto seit dem 20. Jahrhundert ein viel präziserer Gradmesser für die gesellschaftlichen Verwerfungen ist als die Kunst
में प्रकाशित: | Monopol (2005)4, S. 48-52 |
---|---|
मुख्य लेखक: | |
स्वरूप: | लेख |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
2005
|
विषय: | |
संबंधित चीजें : | In:
Monopol |
बोधानक: | MAG ZS Mono 2005 |
---|