"Geld ist das Greifbare des Ungreifbaren" : Ein Gespräch von Heinz-Norbert Jocks mit Felix Droese

ग्रंथसूची विवरण
में प्रकाशित:Kunstforum 149(2000)S. 150-157
मुख्य लेखकों: Droese, Felix (लेखक), Jocks, Heinz-Norbert (लेखक)
स्वरूप: लेख
भाषा:German
प्रकाशित: 2000
विषय:
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